देश में कोरोना वायरस की पहली और दूसरी जांच मुफ्त होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेष सचिव संजीव कुमार ने रविवार को ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना की पुष्टि के लिए आवश्यक पहली और दूसरी जांच के लिए किसी से भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। कोरोना की जांच के लिए आवश्यक उपकरणों और सुविधाओं की देश में कोई कमी नहीं है। अभी तक पूरी क्षमता का सिर्फ 10 फीसदी का ही इस्तेमाल हुआ है।
एम्स ने जारी किया हेल्पलाइन नम्बर
संजीव कुमार के मुताबिक, स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 80.56 लाख एन95 अतिरिक्त मास्क और सुरक्षा उपकरण के ऑर्डर दिए गए हैं। एम्स ने कोरोना को लेकर हेल्पलाइन नंबर-9971876591 जारी किया है। हेल्पलाइन पर चौबीस घंटे डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।
Sanjeeva Kumar, Special Secretary, Ministry of Health: Both first and second confirmatory tests for COVID-19 are free for all citizens. The country has enough capacity as only 10 percent of the capacity has been utilized per day so far. #Coronavirus
ट्रेन में भी स्क्रीनिंग शुरू
भारतीय रेलवे ट्रेन में भी यात्रियों को सावधानी बरतने का निर्देश दे रहा है, साथ ही तिरवनंतपुरम में ट्रेनों में स्क्रीनिंग शुरू हो गई है। कोच को सेनेटाइज किया जा रहा है। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी देते हुए कुछ तस्वीरें और वीडियो ट्विटर पर शेयर किए हैं।
Stay Alert, Stay Safe: Railways has started educating & alerting passengers inside trains in Thiruvananthapuram division along with screening them to effectively curb the spread of novel #Coronavirus.
साढ़े सात हजार सैंपल की जांच हुई
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के वैज्ञानिक डॉ आर गंगाखेड़कर ने बताया कि अभी तक साढ़े सात हजार से ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है। किसी भी संदिग्ध की दो बार जांच की जाती है। हालांकि, अभी संदिग्ध की जांच का पूरा खर्च सरकार उठा रही है। पहली जांच में 1500 रुपए खर्च होते हैं। दोनों बार की जांच मिलाकर सरकार को करीब 5000 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। चार हजार से ज्यादा ऐसे लोग हैं जो कोराना मरीज के किसी न किसी रूप में संपर्क में आए हैं उनको सर्विलांस पर रखा गया है।
Combating #Coronavirus: Watch the proactive efforts taken by Railways to sanitise things prone to passenger touch in trains, making the journey more safe & hygienic for all passengers.
सैंपल पहुंचने में 6 से 10 घंटे का समय लग रहा
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि हवाईजहाज की उपलब्धता के अनुसार लैब तक सैंपल पहुंचाने में 6 से 10 घंटे तक लग रहे हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ सुजीत सिंह ने बताया कि सैंपल की जांच में छह घंटे का समय लगता है, लेकिन यह समय कई बार बढ़ जाता है क्योंकि एक बार मशीन पर सैंपल की जांच होने लगी और उसके बाद कुछ सैंपल उसी लैब में जांच के लिए पहुंचे तो जांच का समय छह घंटे की जगह 14 से 16 घंटे तक हो जाता है।